क्या डॉ कफ़ील और उनका परिवार अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाने की सज़ा भुगत रहे हैं?

गोरखपुर ऑक्सीजन काण्ड से चर्चित हुए डा. कफील अहमद के छोटे भाई काशिफ जमील पर रविवार 11 जून 2018 की रात 10.30 बजे गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में हमला हुआ. दो हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलायीं जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए. जिसके बाद घायल काशिफ को स्टार हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.

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जिसके बाद पुलिस सदर अस्पताल ले जाने पर अड़ी रही, डॉ कफ़ील के मुताबिक – सदर अस्पताल ले जाने के बाद वहाँ मेडिको लीगल हो चुका था. पर SSP पुलिस ने इसे माने से इनकार करते हुए एक मेडिको लीगल कराने का और दबाव दे रहे थे, वो मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड से मेडिको लीगल कराना चाहती थी. पर वहाँ उन्हें यह कहकर वापिस कर दिया गया कि सदर हॉस्पिटल में मेडिको लीगल हो चुका है. इस तरह उनके काफी समय को बर्बाद किया गया. जबकि काशिफ़ को तुरंत ऑपरेशन की ज़रूरत थी.

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डॉ कफ़ील द्वारा बताई स्थिति के बाद सभी ने पुलिस के इस रवैये पर हैरानी जताई. फ़िलहाल काशिफ़ सुरक्षित हैं और उनके शरीर से सभी गोलियां निकला ली गई हैं

गोरखपुर निवासी डा. कफील अहमद के छोटे भाई काशिफ जमील बिजनेस मैन हैं और इनवर्टर व बैट्री का कारोबार करते हैं. डा. कफील चार भाई हैं. सबसे बड़े अदील अहमद खान हैं और उसके बाद डा. कफील अहमद खान हैं. काशिफ जमील तीसरे नम्बर पर हैं. सबसे छोटे फजील अहमद खान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेडिकल कालेज में एमबीबीएस करने के बाद सीनियर रेजीडेंट हैं.

ज्ञात होकि काशिफ जमील किसी काम से गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र में गए थे. वह बाइक से थे और जब वह घर के लिए लौट रहे थे कि जेपी हास्पिटल के पास ब्राउन कलर की स्कूटी पर सवार दो हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलायीं. एक हमलावार चेहरे पर गमछा बांधे हुआ था, जबकि दूसरा हेलमेट पहने था. काशिफ़ जमील को एक गोली कंधे में लगी जबकि दूसरी गोली गर्दन को चीरते हुए आर-पार हो गई.  तीसरी गोली गर्दन में धंस गई. बुरी तरह घायल काशिफ राहगीरों की मदद से किसी तरह टेम्पो से विंध्यवासिनी नगर स्थित स्टार हॉस्पिटल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उनका तुरन्त इलाज शुरू किया.

काशिफ जमील के बड़े भाई अदील अहमद खान ने बताया कि वह और डा. कफील आज कुशीनगर गए हुए थे. वह घर लौटे ही थे कि इस घटना की जानकारी हुई. घटना की वजह भी पता नहीं चल पा रही है. अदील अहमद खान ने कहा कि उनका पूरा परिवार बीआरडी मेडिकल कालेज के आक्सीजन कांड के बाद से मुसीबतों में है. डा. कफील खान के जमानत पर रिहा होने के बाद वह लोग लगातार खतरे की आशंका में जी रहे हैं. यह घटना डॉ कफील को चुप कराने के नीयत से अंजाम देने की कोशिश भी हो सकती है.

डॉ  कफ़ील के परिवार पर किया गया हमला कई सवाल खड़े करता है.

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