150 सालों से सेवा में लगा हुआ है रेडक्रॉस

दुनियाभर में हर साल 8 मई का दिन ‘अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस’के रूप में मनाया जाता है.पीड़ित मानवता की सेवा बिना भेदभाव के करते रहने का विचार देने वाले तथा रेडक्रॉस अभियान को जन्म देने वाले महान् मानवता प्रेमी उनके जन्म दिवस 8 मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है.

जीन हेनरी डयूनेन्ट का जन्म 8 मई 1828 में हुआ था.उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया और पूरे विश्व के लोगों को मानवतावादी सेवक के रूप में स्थापित करने के लिए प्रेरित किया.
सेवा कार्य के लिए उनके द्वारा गठित सोसायटी को रेडक्रॉस का नाम दिया गया.वर्ष 1901 में हेनरी डयूनेंट को उनके मानव सेवा के कार्यों के लिए पहला नोबेल शांति पुरस्कार मिला.

कैसे हुई रेडक्रॉस की स्थापना

इस संस्था की स्‍थापना साल 1863 में 17 फरवरी को हुई थी.उन दिनों इटली और फ्रांस के बीच भयंकर युद्ध चल रहा था.जीतने की धुन में आगे बढ़ते सैनिक एक दूसरे को मारने के लिए पूरी तरह तैयार थे.लेकिन मरने वालों और घायलों की किसी को भी चिंता नहीं थी. उन्हें दयनीय दशा में पड़े रहना पड़ता था.इस समस्या को देखते हुए जेनेवा बैंक के एक कर्मचारी जीन हैनरी ड्यूनेन्ट ने भावनापूर्ण मनःस्थिति से विचार किया और तुरंत एक उपाय सोचा.उन्होंने नौकरी छोड़ दी. फ्रांसीसी डालजीरिया में एक फार्म खरीदा और दोनों पक्षों से संपर्क साधकर इस बात पर सहमत किया कि घायलों की चिकित्सा और मृतकों की अंत्येष्टि की सुविधा उन्हें दी जाए. इस प्रयास का नाम रखा गया रेडक्रॉस.उसका आरंभ तो छोटे रूप में हुआ, लेकिन आए दिन होने वाले युद्धों में उसकी उपयोगिता बहुत बढ़ गई.

जहाँ तक भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी का सवाल है, इसकी स्थापना 1920 में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी अधिनियम के तहत की गई थी और उसके नौ साल बाद इसकी गतिविधियों को ध्यान में रखकर अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस आंदोलन ने इसे अपनी मान्यता दी. आज भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की 750 से अधिक शाखाएँ पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं.

रेड क्रॉस के उद्देश्य

HUMINITY(मानवता): इसका उद्देश्य जीवन तथा स्वास्थ्य की सुरक्षा करना एवं मानव मात्र का सम्मान सुनिश्चित करना है.

IMPARTIALITY(निष्पक्षता): यह राष्ट्रीयता, नस्ल, धार्मिक श्रद्धा, श्रेणी तथा राजनैतिक विचारधारा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता.

NEUTRALITY(तटस्थता): सभी आंदोलनों का विश्वास हासिल करने के लिए तथा विवादों से दूर रहने के लिए यह सोसाइटी किसी भी संस्था या व्यक्ति के प्रति पक्षपात नहीं करती है.

INDEPENDENCE(स्वतंत्रता): यह सोसाइटी अपनी स्वायत्ता रखने के लिए स्वंतंत्र है ताकि हर समय यह आन्दोलन के सिद्धांतों के अनुरूप कार्य कर सके.

VOLUNTARY SERVICES(स्वयं प्रेरित सेवा): यह एक स्वैच्छिक राहत आन्दोलन है जिसमे लाभ की इच्छा का कोई स्थान नहीं है.

UNITY(एकता): यह सबके लिए खुला है.

UNIVERSALITY(सार्वभौमिकता): अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस की नज़रों में सभी सोसाइटी की स्थिति, जिम्मेदारी और कर्तव्य एक समान हैं.

रेडक्रॉस का महत्व

आज की विकट परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस जैसी संस्था पूरे विश्व की जरूरत बन गई है जो आपदा के समय भरोसेमंद दोस्त की तरह मदद का हाथ बढ़ाती है.चाहे दो देशों की जंग हो, आतंकवादी हिंसा हो या फिर सूनामी और भूकंप, सफेद झंडे के बीच में लाल क्रॉस का निशान हर जगह दिखाई पड़ता है.दिनबदिन इसका दायरा बढ़ता ही जा रहा है.

रेड क्रॉस के प्रयासों को देखते हुए दुनिया के ज़्यादातर देशों ने उसे कुछ विशेष अधिकार भी दिए हैं. गैर सरकारी संस्था होने के बावजूद रेड क्रॉस को ही यह हक है कि वह दुनिया के किसी भी देश में युद्धबंदियों से मिल सके और उन्हें कानूनी मदद भी मुहैया करा सके. शांति के लिए तीन बार (1917,1944,1963) नोबेल पुरस्कार से नवाज़ी गई रेड क्रॉस ही वह एक मात्र संस्था है जिसने कई देशों में राहत, बचाव और पुर्नवास में मदद तो की लेकिन उन देशों की सियासत से खु़द को दूर ही रखा. बहरहाल इतना तो तय है कि जिस इरादे से तकरीबन 150 साल पहले जब रेड क्रॉस की स्थापना की गई, उसी समर्पण से आज भी ये संस्था इंसानियत को सहारा दे रही है.


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