रामनाथ गोयनका और धीरू भाई की वो ग़लती

अक्टूबर 1985 का एक दिन था। अंग्रेजी अखबार फायनेंशनल एक्सप्रेस और पीटीआई दोनों ने बॉम्बे डाइंग हाऊस के खिलाफ़ एक खबर और एडिटोरियल दोनों छापे। रामनाथ गोयनका उस वक्त पीटीआई के चेयरमैन भी थे। एडिटोरियल पायदान में सबसे ऊपर होने के बावजूद उन्हें ये समझने में मुश्किल हो रही थी कि बॉम्बे डाइंग के खिलाफ़ ये खबरे,जो ज्यादातर प्लांटेड थी,कहां से आ रही थी,सोर्स क्या था।

वो खबर की तह तक जाने की कोशिश कर रहे थे कि इसी बीच 31 अक्टूबर को एक ऐसी ही खबर पीटीआई में एक बार फिर छपी। इस बार रिलायंस के पब्लिक रिलेशन ऑफिसर कीर्ति अंबानी की प्रेस रिलीज़ को ही सीधा छाप खबर बना दी गई।

ये गोयनका के लिए नाकाबिले बर्दाश्त था। अगले ही दिन उन्होंने माफीनामा छपवाया। वो प्रेस में रिलायंस की ऐसी दखल को लेकर हैरान हो गए थे। आगबबूला इस बात पर भी थे कि कि प्रतिद्वंदी हाऊस की दी प्रेस रिलीज़ खबर कैसे हो सकती है।

इस बात को गोयनका ने धीरुभाई के सामने उठाया तो धीरुभाई ने ठहर कर जवाब दिया ”मेरे पास दो तरह की चप्पल हैं,सोने की और चांदी की। आदमी को देख मैं इसे इस्तेमाल करता हूं। कीमत हरआदमी की होती है।”

धीरुभाई का रामनाथ गोयनका के सामने ऐसी बात करना, शायद ज़िंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। गोयनका को समझने और गहराई नापने में उनसे गलती हो गई थी। इसके बाद की कहानी सबको पता है। अपनी सारे गुस्से और संसाधनों का इस्तेमाल रामनाथ गोयनका ने रिलायंस को एक्सपोज करने में लगा दिया

सोर्स-अंबानी एंड संस

यह लेख लेखक की फ़ेसबुक वाल से लिया गया है

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.