क्या इज़राईल के विरुद्ध प्रदर्शन करना अपराध है ?

दो दिन पहले इज़राइल के प्रधानमंत्री के भारत दौरे के विरोध में प्रदर्शन के पोस्टर लगाये गए थे, दिल्ली के कई इलाक़ों में पोस्टर पर मेरा और Nadeem Khan भाई का नम्बर था। पोस्टर लगने के बाद से ही अलग अलग थानों और विभागों से फ़ोन आने लगे ऐसा हर बार होता है हमने सारी जानकारी पुलिस को दे दी। 14 तारीख़ को SHO गीता कॉलोनी पवन कुमार ने मुझे बुलाया तो मैं मिलने चला गया और बैठ कर सारी बात समझा दी प्रोटेस्ट के बारे में।

15 तारीख़ यानी प्रोटेस्ट के दिन सुबह 10:30 बजे SHO मेरे घर आए और फिर प्रोटेस्ट के बारे में पूछने लगे कब जाओगे? कौन कौन साथ जायेगा? कैसे जाओगे? मैंने सब जानकारी दे दी फिर उन्होंने कहा की आपको जाने की इज़्ज़ाजत नहीं है, मैंने पूछा क्यूँ नहीं है तो जवाब दिया New Delhi DCP ने माना किया है।

मैंने कहा मेरी बात करवाओ तो नहीं करवाई। मैंने समझाया कि सुबह ही तुग़लक़ रोड के SHO से बात हुई है और सारी प्लानिंग उनके साथ हो गयी है फिर भी वो मुझे मना करते रहे। मैं यह कह कर की आप अपना काम करो मैं अपना करूँगा अपने घर के अंदर चला गया और प्रोटेस्ट में जाने की तैयारी में लग गया।

कुछ मिनट बाद बड़े भाई का फ़ोन आया और उसने पूछा क्या हो गया पुलिस ने पूरा एरिया क्यूँ घेर रखा है? मुझे सुन कर अजीब लगा की मेरी बिल्डिंग के पिछले गेट पर पुलिस ने ताला लगा दिया है और तो और मेरे पड़ोसियों के मेन गेट पर ताला लगा दिया है। बाहर आकर देखा तो 40-50 पुलिस वालों ने पूरा इलाक़ा घेर रखा है। ख़ुद SHO पवन कुमार अपनी गाड़ी में मेरे घर के सामने खड़ा है।

 

जब मैंने पुछा यह सब क्या है, तो जवाब मिला कि आपको रोकने के लिय इंतज़ाम है। मैंने कहा मैंने कौन सा अपराध किया है? क्या मेरे ख़िलाफ़ कोई शिकायत है? क्या मेरे ऊपर कोई केस है? इसका जवाब बस एक की ऊपर से ऑर्डर है। यह सब देख कर भीड़ जमा हो गयी और सब लोग एक ही बात पूछ थे आख़िर क्यूँ नहीं जा सकते प्रोटेस्ट में?

पब्लिक का ग़ुस्सा देख कर कहने लगा हमारी गाड़ी में बैठ जाओ हम ले कर चलेंगे मैंने कहा मैं अपनी गाड़ी में जाऊँगा तुम्हें अरेस्ट करना है तो कर लेना। इसके बाद मैं अपनी गाड़ी ले कर निकला मेरे निकलते ही एक बस जो हमने प्रोटेस्ट में जाने के लिये करी थी उस बस को ज़ब्त करके पुलिस स्टेशन ले गये।

पुलिस का यह रवैया देख कर यह कहना ग़लत नहीं होगा कि देश में इमर्जेन्सी जैसे हालत हो गये हैं। जो आवाज़ उठायेगा उसे डराया धमकाया जायेगा। एक बात बिलकुल पक्की है ना हम डरेंगे ना झुकेंगे ना रुकेंगे जम के लड़ेंगे और जीतेंगे।

इंक़लाब ज़िन्दाबाद

ख़ालिद सैफ़ी

#UnitedAgainstHate

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