राष्ट्रवाद पर क्या है “अनुराग कश्यप” की राय

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप का कहना है कि भारतीय सिनेमा को दर्शकों के दिल में एक प्रेम कहानी के ज़रिये उतरा जा सकता है. अपनी जानी-पहचानी शैली में उनकी फिल्म “मुक्काबाज़” आने वाली है जो प्रेम कहानी पर आधारित उनकी पहली फिल्म है.

यह फिल्म जाति, राजनीति और धर्म के वर्चस्व वाले एक समाज में रोमांस की कहानी बयां करती है. इसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश में ताकत को दिखाने के लिए खेल पर आधारित कहानी का सहारा लिया है.उत्तर प्रदेश से आने वाले अनुराग ने देव डी, गैंग्स ऑफ वासेपुर और अगली जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है

एक साक्षात्कार में कश्यप ने कहा, ‘मुझे पता चल गया है कि भारत में आपको जो कुछ भी कहना है, इसे एक प्रेम कहानी के ज़रिये कहें. यही चीज़ लोग समझते हैं.यह मेरी पहली प्रेम कहानी है.’

इस फिल्म के मुख्य किरदार विनीत कुमार सिंह और ज़ोया हुसैन है. इसके अतिरिक्त जिमी शेरगिल और रवि किशन ने भी महत्वपूर्ण किरदार निभाया हैं. फिल्म में विनीत कुमार सिंह पहली बार मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे. विनीत इससे पहले गैंग्स ऑफ़ वासेपुर, बॉम्बे टाकीज़, अगली और बॉलीवुड डायरीज़ जैसी फिल्मों में नज़र आ चुके हैं. फिल्म के हीरो के अलावा वह इसके सह-लेखक भी है. फिल्म “मुक्काबाज़” 12 जनवरी को रिलीज़ होने वाली है.

फिल्म का सेट बरेली का है. विनीत एक क्षत्रिय मुक्केबाज़ की भूमिका में है जो एक मूक-मधिर ब्राह्मण कन्या से प्यार कर बैठते हैं. इसके चलते फिल्म में अदाकारा के करीबी रिश्तेदार जिमी शेरगिल नाराज़ हो जाते हैं और राज्य बॉक्सिंग फेडरेशन प्रमुख के तौर पर वह अभिनेता का करिअर तबाह करने के लिए अपने पद का इस्तेमाल करते हैं.

कश्यप ने कहा कि वह इस बात को बखूबी समझते हैं कि किस तरह से जाति रोज़मर्रा के जीवन में प्रभाव रखती है. उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में लोग आपकी जाति जानने के लिए आपका नाम पूछते हैं और अगला सवाल यह होता है कि आपका गोत्र क्या है.’

उनके मुताबिक जाति भी धर्म की तरह काम करती है. उन्होंने कहा, ‘यह सुरक्षा की भावना के साथ जुड़ा होता है. इसी तरह से हम अलग-अलग बस्तियां बनाते जाते हैं. जो भारतीय विदेशों में रहते हैं, उन्होंने वहां छोटा भारत बना लिया है. पाकिस्तान के लोग छोटा पाकिस्तान और चीन के लोग चाइनाटाउन बना लेते हैं. जब आप डरा हुआ महसूस करते हो तब आप घनिष्ठ संबंध और परिवार को खोजते हो.’उन्होंने कहा, ‘धर्म यही काम करता है. वह आपको सुरक्षा की भावना को महसूस कराता है.’

खेल आधारित बायोपिक फिल्मों पर बात करते हुए अनुराग ने कहा, ‘आज के समय में बिना राष्ट्रवाद खेल आधारित बायोपिक फिल्में बनाना असंभव है.’उन्होंने कहा, ‘इसे राष्ट्रवाद को बेचना न कहा जाए तो और क्या कहा जाए. ये चीजें मुझे परेशान करती हैं. विरोट कोहली और अनुष्का शर्मा ने इटली में शादी की तो एक नेता उन्हें देशद्रोही कह डालता है.

अनुराग कहते हैं, ‘आज के समय में ऐसे लोग हैं जो राष्ट्रवाद को बिल्ले की तरह दिखाते फिरते है. उन्होंने अपनी ज़िंदगी में कुछ नहीं किया और ख़बरों में रहने के लिए ऐसा करते हैं.’

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.