अरे “आप” ने तो “विश्वास”घात कर दिया

“आप” ने अपना फैसला सुना दिया है,और सबको चोंका कर संजय सिंह,एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता को राज्यसभा भेजने का ऐलान कर अपने आप मर ही खुद अंदरूनी कलह की शुरुआत कर दी है क्योंकि केजरीवाल ने जो फैसला लिया है उसके लिए उन्होने कुमार विश्वास,आशुतोष और दिलीप पांडेय जैसे दिग्गजो को नजरअंदाज किया है।इस तरह का फैसला एक माहौल तो बनायेगा ही।

इन नामों में अगर आशुतोष और दिलीप पांडेय को अलग कर दें तो कुमार विश्वास खुद में ही बड़ा नाम है,कुमार विश्वास उन नेताओ में से है जो केजरीवाल के साथ आंदोलन के वक़्त से साथ है। कुमार विश्वास ही वो नाम है जो हर एक बार “आप” को डिफेंड करते नज़र आये है। फिर चाहे सरकार की बात हो,विपक्ष की हो या लोकसभा चुनाव लड़ने की बात हो आप के लिए कुमार विश्वास हमेशा खड़े रहें है। लेकिन फिर क्या वजह रही कि कुमार विश्वास को नजरअंदाज कर दिया गया है?क्यों क्या उनसे केजरीवाल को खतरा है? केजरीवाल उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर उभरने नही देना चाहतें है?

असल मे आम आदमी पार्टी जब से बनी है वहां पर एक बात देखी गई है कि वहां “वर्चस्व” का मामला सबसे ऊपर रहा है।इसी कड़ी मे प्रशांत भूषण,योगेंद्र यादव और प्रोफेसर आनंद कुमार को पार्टी से बड़े शोर शराबे के साथ बाहर का रास्ता दिखाया गया और पार्टी मे “वर्चस्व” के नाम पर जीत केजरीवाल की हुई।गौरतलब है कि इन तीनो ही वरिष्ठ नेताओं केजरीवाल के ऊपर सवाल उठाए तो जवाब में उन्हें ये मिला था।

ऐसा ही कुछ कुमार विश्वास ने किया और ये चीज़ हाल फिलहाल में देखने को भी मिली,और ये कलह खुले तौर भी सामने आई थी तो ये भी सोचने की बात है कि आखिर कैसे उन्हें राज्यसभा के लिए चुना जा सकता था? यही बात है कि अब कुमार विश्वास भी खुल कर सामने आ गए हैं और अपने “शहीद” होने की बात मीडिया के सामने रख दी है। कुमार विश्वास के लिए अब स्थिति आसान तो नही होगी क्योंकि अगर वो पार्टी में रुकते है तो एक धड़ा उनके खिलाफ ज़रूर रहेगा जो है भी और पार्टी छोड़ना उनके लिए बड़ा फैसला होगा।

वही कुमार विशवास की बात करें तो वो एक काबिल वक्ता है,कवि है और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि रखते है,और अगर कल्पना करें कि राज्यसभा में कुमार विश्वास जैसा चेहरा वहां जाता तो ज़रूर मुख्य विपक्षी तौर पर वो एक बड़ा चेहरा सिद्ध हो सकतें थे और राष्ट्रीय स्तर पर एक मुकाम हासिल कर सकतें थे तो क्या ये बात केजरीवाल की छवि के लिए नुकसानदेह नही होती? केजरीवाल के कद को छोटा नही करते?

कितना भी बात को घुमाए मगर हो न हो बात तो ये भी होगी ही क्योंकि केजरीवाल जैसा आदमी जो अपने ऊपर एक इल्ज़ाम भी बर्दाश्त नही करता है वो “धनकुबेरों” को राज्यसभा क्यों भेज रहा है? आखिर इससे भी बड़ा कोई रीज़न तो होना ही चाहिए और केजरीवाल अपना वर्चस्व रखना चाहें इससे बड़ा रीज़न क्या हो सकता है? ये या तो केजरीवाल साहब बताएं या अंदाज़ा खुद लग ही रहा है बाकी कुमार विश्वास आगे जो भी करतें है वो बड़ा कदम होगा बाकी देखते है।

~असद शेख

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.