उर्दू में ली पार्षद ने शपथ, तो दर्ज हुआ केस

उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ नगरनिगम के नवनिर्वाचित नगरसेवक मुशर्रफ़ हुसैन के खिलाफ़ यूपी पुलिस ने सिर्फ इस गुनाह पर एफ़आईआर दर्ज की है, कि नगरसेवक ने  उर्दू भाषा में शपथ ली. जिससे कुछ लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची. ज्ञात होकि ये अजीब मामला सोमवार को शपथग्रहण करने के बाद सामने आया है.

उर्दू में शपथ लेने के बाद भाजपा विधायकों ने किया था विरोध

द हिंदू अख़बार के अनुसार – उर्दू में शपथ लेने के बाद भाजपा के नगरसेवकों के द्वारा हुसैन से मारपीट भी की गयी थी. इसके बाद बन्ना देवी पुलिस स्टेशन में भाजपा नगरसेवक पुष्पेन्द्र कुमार द्वारा ही बसपा के  मुशर्रफ़ हुसैन के विरुद्ध एफ़आईआर दर्ज कराई गयी.

पुष्पेन्द्र कुमार के अनुसार- उर्दू में शपथ लेकर क़ानून व्यवस्था को नुक्सान पहुंचने की संभावना थी,इसके आगे पुष्पेन्द्र का आरोप था कि जब दूसरे नगरसेवक हिंदी में शपथ ले रहे थे, तब हुसैन का उर्दू में शपथ लेना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए किया गया कार्य था.

बसपा नगर सेवक, मुशर्रफ़ हुसैन

पुलिस ने धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में दर्ज किया केस

यूपी पुलिस ने  आईपीसी की धारा 295A के तहत केस दर्ज किया है, यह धारा जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धार्मिक विश्वासों का अपमान करने व जानबूझकर किसी की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के इरादे से किये गए कृत्य के विरुद्ध लगाई जाती है.

हुसैन ने उनके ऊपर लगाये गए धार्मिक भावनाओं के आरोपों को नकारते हुए कहा- कि “यह सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना” से लगाए गए आरोप हैं.

उर्दू भाषा को सांप्रदायिक रंग देने की हुई कोशिश

इस पूरे केस में भारतीय भाषा उर्दू को धार्मिक चोला पहनाकर, सांप्रदायिक रंग देने की पूरी कोशिश की गयी. जबकि उर्दू भाषा की जन्मस्थली लखनऊ को माना जाता है. बसपा पार्षद मुशर्रफ़ हुसैन के अनुसार – उर्दू को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश हो रही है. जबकि उर्दू तो हमारी समरूप संस्कृति का प्रतीक है. जब उर्दू का किसी धर्म से कोई संबंध नहीं है, तो इस भाषा में शपथ लेने पर किसी की धार्मिक भावनाएं कैसे प्रभावित हो सकती हैं.

शपथ लेने के लिए आधिकारिक 22 भाषाओं में शामिल है

मुशर्रफ़ हुसैन ने अंग्रेज़ी अखबार द हिंदू से कहा – कि मैं आज सुबह उठा तो मुझे यह पता था कि भारत अभी भी एक लोकतान्त्रिक देश है, कानून के हिसाब से उर्दू और हिंदी यूपी की आधिकारिक भाषाएं हैं. और जहाना तक मुझे पता है, कि क़ानून के हिसाब से जिन 22 भारतीय भाषाओं में शपथ ली जा सकती है. उनमें से एक उर्दू भी है. अब मुशर्रफ़ हुसैन इस एफ़आईआर के विरूद्ध कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.

मुशर्रफ़ हुसैन पर लगाई गयी धारा गैर ज़मानती है

सोमवार को अलीगढ़ में शपथ समारोह भाजपा और बीएसपी के नगरसेवकों के बीच हुए झगड़े से हिंसक हो गया था. यह तब शुरू हुआ, जब बसपा और सपा के कुछ नगरसेवक उर्दू में शपथ ले रहे थे. जिसके बाद भाजपा विधायकों ने विरोध किया. इस दौरान धार्मिक नारेबाज़ी भी की गई. पुलिस इंस्पेक्टर जीतेन्द्र ने द हिंदू अखबार से कहा- कि जिन धाराओं पर मुशर्रफ़ हुसैन पर केस दर्ज किया गयाहै, यह एक गैरज़मानती धारा है. उनके उर्दू में शपथ लेने से कुछ लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा है, इसलिए उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जायेगा.

 

 

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