गुजरात के रण में कमज़ोर भाजपा को बचाने उतरेंगे मोदी

जैसे –जैसे वोटिंग की तारीख नज़दीक आ रही है, गुजरात चुनाव का पारा इस कड़कड़ाती ठंड में गर्म होता जा रहा है. जैसा कि ख़बरें आ रही हैं, कि इस बार गुजरात विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए हर बार की तरह आसान नज़र नहीं आ रहा है. कुछ अंदरूनी रिपोर्ट्स में स्थिति नाज़ुक देखने के बाद से भाजपा नेतृत्व ने गुजरात चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र … पढ़ना जारी रखें गुजरात के रण में कमज़ोर भाजपा को बचाने उतरेंगे मोदी

गुजरात चुनाव – कांग्रेस ने जारी की 76 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट

कांग्रेस ने अपनी तीसरी लिस्ट जारी करते हुए दूसरे चरण के लिए 76 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की. सोमवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए नामांकन की आखिरी तारीख है और कांग्रेस ने  सभी 93 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की थी, देर रात में  76 उम्मीदवारों के नामों की लिस्ट जारी की गई. राज्य में दूसरे चरण … पढ़ना जारी रखें गुजरात चुनाव – कांग्रेस ने जारी की 76 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट

26/11 के रीयल हीरोज की कहानी

मुंबई हमले को नौ साल हो गए हैं. दो दिनों तक मुट्ठी भर आतंकवादियों ने देश की आर्थिक राजधानी को बंधक बना रखा था. ये देश के सबसे हाईप्रोफाइल इलाकों में से एक पर किया गया हमला था.वो दिन जब मुंबई सिहर गई थी. यह दिन उन तारीखों में से एक बन चुकी है जो भारत के इतिहास में अपनी जगह खून से लाल और … पढ़ना जारी रखें 26/11 के रीयल हीरोज की कहानी

युवाओं की आकांक्षा की हत्या का राष्ट्रीय प्रोजेक्ट – रविश कुमार

भारत से अमरीका पढ़ने जाने वाले छात्रों की संख्या में इस साल 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। चीन से जाने वाले छात्रों की संख्या में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लगातार तीन साल से अमरीका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ती जा रहीहै। 186,267 छात्र अमरीका गए हैं। अमरीकी यूनिवर्सिटी में पचास फीसदी छात्र भारत और चीन से पढ़ रहे हैं। बिजनेस … पढ़ना जारी रखें युवाओं की आकांक्षा की हत्या का राष्ट्रीय प्रोजेक्ट – रविश कुमार

क्यों हुआ है मऊ का नाम रौशन ?

“मऊ” यूपी का एक चर्चित ज़िला, कभी अपनी राजनीति को लेकर तो कभी किसी अन्य मुद्दे पर. इस बार मऊ का नाम कुछ अलग वजह से चर्चा में है. वजह का ताल्लुक खेल की दुनिया से है. ये अलग बात है, कि इस बार भी मऊ की चर्चा में अंसारी फ़ैमिली के एक चहरे का ज़िक्र ख़ास है. मऊ सदर सीट से विधायक मुख्तार अंसारी … पढ़ना जारी रखें क्यों हुआ है मऊ का नाम रौशन ?

Gujarat in 1857 – When Hindus and Muslims fought together

Context: Current Gujarat elections. (Extracts from ‘War of Civilisations: India 1857 AD’, by Amaresh Misra, Rupa, 2008) The importance of Gujarat elections to the future of Indian democracy and the survival of India’s liberal-democratic-nationalist ethos cannot but be re-emphasized. However, in order to understand Gujarat’s political behaviour, it is important to view its social-class structures in a historical context. Social-class structures are revealed best, during … पढ़ना जारी रखें Gujarat in 1857 – When Hindus and Muslims fought together

क्या विपक्ष के नेता जस्टिस लोया कि मृत्यु पर कुछ बोलेंगे ?

बृजगोपाल लोया अब महज नाम नहीं बल्कि एक सवाल है। जो इस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के माथे पर चिपक गया है। और ये ऐसा दाग है जिसे अगर छुड़ाया नहीं गया तो पूरी व्यवस्था कलंकित दिखेगी। लिहाजा कलंक के इस टीके को हटाना व्यवस्था में बैठे हर जिम्मेदार और जवाबदेह शख्स की जिम्मेदारी बन गयी है। बृजपाल कोई सामान्य शख्स नहीं थे। वो सीबीआई … पढ़ना जारी रखें क्या विपक्ष के नेता जस्टिस लोया कि मृत्यु पर कुछ बोलेंगे ?

मिस्र हमले की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने की निंदा, 200 से ज़्यादा मौत

मिस्र के उत्तर सिनाई में एक मस्जिद पर हुए विनाशकारी बम और बंदूक हमले में कम से कम 238 लोग मारे गए तथा बड़ी तादाद में लोग घायल हुए हैं. हालिया कुछ समय में यह हमला देश की सबसे घातक घटनाओं में से एक था. मिस्र सरकार द्वारा चलाये जाने वाले अहराम ऑनलाइन के मुताबिक़ – अरीश शहर के पश्चिम में अल अल-अब्द में अल-रावाह … पढ़ना जारी रखें मिस्र हमले की अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने की निंदा, 200 से ज़्यादा मौत

बंद हुई सेंचुरी मिल, 1200 मज़दूर परिवार मांग रहे हैं अपना हक़

#PMModiSaveUs से कई ट्वीट आ रहे हैं पिछले कई दिनों से. मैंने देखा तो पता चला की कुछ मध्य प्रदेश के मिल मज़दूर प्रदर्शन कर रहे हैं पिछले कई दिनों से. मुझे लगा छोटा मोटा प्रदर्शन हो रहा होगा पर फिर एहसास हुआ की मज़दूर और गरीबों के प्रदर्शन, उनके हक़ की आवाज़ उन्ही की तरह ज़माने को छोटी लगने लगती हैं. पर वहा करीब … पढ़ना जारी रखें बंद हुई सेंचुरी मिल, 1200 मज़दूर परिवार मांग रहे हैं अपना हक़

क्या बेटे के जन्म की इतनी कामना के पीछे जैव वैज्ञानिक कारण छिपे हैं?

यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि हम लैंगिकतावादी समाज का हिस्सा हैं जहाँ बोये बेटे ही जाते हैं बेटियां तो बस उग आती हैं। चिंताजनक लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के कड़े कानून इसी वजह से हैं। इसका कारण पितृसत्तात्मक समाज को माना जाता है। आज के समय में देखा जाए तो लिंगभेद बेमानी और बिल्कुल अतार्किक है। पर ये भी उतना ही … पढ़ना जारी रखें क्या बेटे के जन्म की इतनी कामना के पीछे जैव वैज्ञानिक कारण छिपे हैं?

ताउम्र क़ैद में रहेगा “बोस्निया का कसाई”

युद्ध अपराध के केस में संयुक्त राष्ट्र के जजों ने पूर्व सर्बियाई जनरल म्लादिच को उम्रकैद की सज़ा सुनाई है. ज्ञात होकि म्लादिच पर 1992 से 1995 के दौरान बोस्नियाई मुस्लिमों के नरसंहार का आरोप था. कोर्ट ने उसे मानवता के खिलाफ़ किये अपराधों का दोषी करार दिया है. वहीं उसे 8,000 बोस्नियाई मुसलमान पुरुषों की जनसंहार का भी दोषी पाया गया है. यही वजह … पढ़ना जारी रखें ताउम्र क़ैद में रहेगा “बोस्निया का कसाई”

वीवीआईपी कल्चर की वजह से फ़्लाईट हुई लेट, केन्द्रीय मंत्री पर बरसी डॉक्टर

इंफाल एयरपोर्ट में उस वक़्त एक महिला डॉक्टर, केन्द्रीय मंत्री केजे अल्फोंस के ऊपर भड़क गयी, जब वीवीआईपी प्रोटोकॉल की वजह से उस महिला की फ़्लाईट दो घंटे लेट हो गई. जब मंत्रीजी ने उक्त महिला की बातों का जवाब डिया तो महिला ने उनसे लिखित में अपनी बात रखने को कहा. इस पूरी घटना को किसी ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया. प्राप्त … पढ़ना जारी रखें वीवीआईपी कल्चर की वजह से फ़्लाईट हुई लेट, केन्द्रीय मंत्री पर बरसी डॉक्टर

नेता बोल रहे हैं, जनता की कोई नहीं सुन रहा – रविश कुमार

सुशील मोदी ने गुंडा लोगों से फोन करवाया कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री से बात करनी है तो मैंने कहा कि बोलिए बोल रहे हैं। फिर बोला कि मेरा लड़का है उत्कर्ष मोदी उसकी शादी है। बियाह में बुला रहा है, बेइज्ज़त कर रहा है। बियाह में जाएंगे तो वहीं पोल खोल देंगे जनता के बीच में। पूरा जनता के बीच में। लड़ाई चल रहा है। … पढ़ना जारी रखें नेता बोल रहे हैं, जनता की कोई नहीं सुन रहा – रविश कुमार

नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

आरक्षण से पहले जातिगत आधार पर हिंदुओं का ध्रुविकरण होता था, आरक्षण के उपरांत आरक्षण प्राप्त जातियों के भीतर का आक्रोश आखिर कहां फूटता, वह मुसलमानों के विरूद्ध इस्तेमाल होने लगा। पिछड़े,दलित तथा आदिवासियों का जीवन स्तर जितनी तेजी से सुधरा वे उतनी ही उग्रता से हिंदुत्व की ओर बढ़े। हिंदू बनने की इस होड़ में गली मोहल्ले में नए नए उत्सव त्योहार की शक्ल … पढ़ना जारी रखें नज़रिया – क्या दलितों और पिछड़ों का झुकाव उग्र हिंदुत्व की तरफ है ?

भीड़ फिर बन रही थी हैवान, चलती ट्रेन से कूद बचाई शिक्षक ने जान

बीती 19 तारीख़ को मास्टर साजिद सहारनपुर से दिल्ली के लिए ट्रेन में बैठे, बढोत बागपत पहोचते हुए कुछ लोगो ने मास्टर जी के साथ मार पीट की जिसके मार पीट इतनी बड़ गई कि मास्टर जी को जान बचाने के लिए चलती ट्रेन से कूदना पड़ा.यह हेट क्राइम था जो बताने की ज़रूरत नहीं कि मास्टर जी के सर पर टोपी और मुंह पर … पढ़ना जारी रखें भीड़ फिर बन रही थी हैवान, चलती ट्रेन से कूद बचाई शिक्षक ने जान

BJP’s list of candidates draws widespread protest by its rank and file

On the last day of filing of nomination papers by candidates for the first phase of Gujarat assembly elections today, the ruling Bharatiya Janata Party witnessed rebellion from senior party leaders, including a former minister. Former minister Ranjitsinh Jhala caused much embarrassment to the BJP by walking out of the party alleging that the party high command had given mandate to contest the Wadhwan (Surendranagar … पढ़ना जारी रखें BJP’s list of candidates draws widespread protest by its rank and file

योगी के बिगड़े बोल – राहुल मंदिर में ऐसे बैठते हैं, जैसे नमाज पढ़ रहे हों

लगता है उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ये भूल चुके हैं, कि वो अब सिर्फ एक लोकसभा के सांसद नहीं बल्कि पूरे राज्य के मुख्यमंत्री हैं. तब ही तो उनके मुख्यमंत्री के बाद भी हर मुद्दे को सामप्रदायिक रंग देने का कोई मौका नहीं छोड़ते. इसी कड़ी में योगी का एक और विवादित बयान जुड़ गया है. योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के … पढ़ना जारी रखें योगी के बिगड़े बोल – राहुल मंदिर में ऐसे बैठते हैं, जैसे नमाज पढ़ रहे हों

किसानों की व्यथा पर संसद मार्ग में इकठ्ठा हुआ जनसैलाब

दिल्ली के पॉश एरिया संसद मार्ग में देशभर के किसान अपनी मांगों के फिर से एक मंच पर आये है. किसान संगठित होकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश में हैं. दिल्ली में देश भर से करीब 180 किसान संगठनों ने एक मंच पर आकर सरकार को चुनावी वादे याद दिलाये. खास बात ये रही  इस प्रदर्शन में कई महिलाओं ने भी भाग लिया. और … पढ़ना जारी रखें किसानों की व्यथा पर संसद मार्ग में इकठ्ठा हुआ जनसैलाब

फ़िल्म पदमावती के विरोध और समर्थन में राजनीति

लगातार फ़िल्म के निर्देशन की कारण घेरे जाने वाले मशहूर फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली ओर पूरी कास्ट टीम भी पद्मावती के तथाकथित विवाद पर चुप्पी तो तोड़ चुके है पर वो चुप्पी भी एक औपचारिक एवम शालीनता वाली दिखी इसके उलट विरोधी समाज की भाषा और दावो पर गौर किया जाये तो उसमें वास्तविकता के अलावा राजनीति ज्यादा झलकती नजर आ रही है । … पढ़ना जारी रखें फ़िल्म पदमावती के विरोध और समर्थन में राजनीति

मौत पर सवाल, साज़िश या सामान्य मौत ?

सोहराबुद्दीन केस आपको याद होगा. गुजरात पुलिस ने एक कथित फेक एनकाउंटर रच कर सोहराबुद्दीन को मार डाला था. स केस में अमित शाह का भी नाम शामिल था. सोहराबुद्दीन केस मुंबई की सीबीआई अदालत के जज बृजगोपाल हरिकृष्ण लोया के पास था. 2014 में मोदी सरकार बन जाने के बाद अचानक जज साहब की बेहद संदेहास्पद परिस्थिति में मृत्यु हो गयी…! एक अंग्रेजी पत्रिका … पढ़ना जारी रखें मौत पर सवाल, साज़िश या सामान्य मौत ?